आज की नारी

आज  नारी  अबला से सबला बन नवभारत की अलख जगा रही । अग्रणी बन हर क्षेत्र में जीत का परचम लहरा रही । आँखों में सफलता की अनोखी चमक आँचल में भारत का स्वर्णिम भविष्य उत्तम परवरिश से सक्षम राष्ट्रRead more…

माँ

मुझे माँ इतिहास की पुस्तक सी लगती है उसके चेहरे की हर झुर्री एक एक पन्ना सा लगती है कितनी ही बार पढ़ लू उसे मेरी लालसा ही नहीं भरती  है आज फिर उलझ गयी उन्ही पन्नो में बचपन सेRead more…