friendship

दोस्तों के साथ कुछ अनमोल पल

जो क्षण हम जी रहे होते हैं वो उस समय हमारे लिए अत्यंत साधारण होते हैं पर वही क्षण विगत होते ही हमारे लिए असाधारण बन जाते हैं। और यही प्रक्रिया सतत चलती रहती है। इसी तरह जीवन भी व्यतीत होता चला जाता है। जो खुद बच्चे होते हैं वो वक़्त के साथ साथ खुद माता पिता बन जाते हैं और और अपने बच्चों के बचपन में अपना बचपन जी लेते हैं।Read more…

Image Source Flickr here: https://www.flickr.com/photos/stuant63/3443129398/

और उड़ने को आसमान मिल गया

सुना था ज़िंदगी कभी खत्म नही होती। हमेशा अवसर देती रहती है। पर तब मुझे ये सब बातें खोखली सी लगती थी जब मैं अपनी जिम्मेदारियों से निवृत हो खाली खड़ी थी। उम्र मेरे हाथ से अपना हाथ छुड़ा चुकी थी। । एक लड़की का तो पूरा जीवन हालातों के साथ समायोजन में ही निकल जाता है।Read more…

images (19)

मुक्तक (53 )

(157 ) वक़्त कहने को’ अपना गुजरता रहा है रेत सा हाथ से ये खिसकता रहा है देख पाते नहीं पर नजर में हैं’ उसके हर घड़ी वक्त हमको परखता रहा है (158 ) स्वप्न सजाकर आँखों में फिर आजRead more…

images (18)

मुक्तक (52 )

(154 ) आप नहीं साथ मगर दर्द लगा खूब गले वक़्त नहीं आज मिला छोड़ सभी साथ चले भूल गये आज सभी कौन बने मीत यहाँ आस अभी शेष बची दूर कहीं दीप जले (155 ) किसी के प्यार मेंRead more…

images (17)

मुक्तक (51)

(151 ) आओ सूरज – चंदा को रंगीन बनायें हम फूल ख़ुशी के इस जग में अब खूब खिलायें हम इक दूजे सँग मिलकर सब खेलें होली होली आओ मन से मन के टूटे तार मिलायें हम (152 ) रंगीनRead more…

images (10)

मुक्तक (50 )

(148 ) दूर जाने का तुम्हें हमसे बहाना मिल गया आँसुओं को आँख में फिर से ठिकाना मिल गया तुम समझ पाये नहीं दिल ने बताया भी कहाँ हम अकेले ही रहे तुमको जमाना मिल गया (149 ) उलझनों मेंRead more…

images (8)

मुक्तक (49 )

(145 ) जीवन की रीत निराली है बचपन जैसे हरियाली है मीत जवानी में कुछ कर ले रात बुढ़ापे की काली है (146 ) जीवन में शूलों का बोना आया है अपनों पर जुल्मों का ढोना आया है आसान नहींRead more…

images (6)

मुक्तक(47 )

(139 ) मैं फूल बनूँ जग को महकाती जाऊँ ममता की मूरत बन ममता दिखलाऊँ ऑक्टोपस सी बाहें फैला मत रोको दीपक बन मैं तम को दूर भगाऊँ (140 ) आपको तस्वीर में अब ढूढ़ती है आपकी आवाज हरदम गूंजतीRead more…